The Chitter Express

लूट मचा ले, लूट मचा ले, लूट…

“राम नाम की लूट है जो लूट सके सो लूट, अंत काल पछताएगा जब तन जहिए छूट।” कबीरदास ने जब कहा तब कहा। बात पुरानी हो गई है। वैसे भी राम तो सिर्फ हिन्दुओं के हैं। लूट तो वैश्विक है। लूट के परम लौकिक आनंद में यह विश्व रमा हुआ है। उसे दूसरे किसी चीज की चिंता-परवाह नहीं है।

India vs. New Zealand: Grand-finale at Thiru

Grand-finale at Thiru

Some tight overs with wickets at regular intervals ensured that India would lift the Paytm T20 series as well and that the Kiwis will have to wait for another Indian tour in quest of an elusive series win here

हिमाचल प्रदेश : चुनाव की उल्टी गिनती शुरू

हिमाचल प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा के चुनाव प्रचार में भाजपा अपने पूरे लाव-लश्कर को लेकर मैदान में उतरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह स्वयं चुनाव की देख-रेख कर रहें हैं।

Fata poster nikla neta

फटा पोस्टर निकला नेता

शायद भ्रष्टाचार मुक्त से उनका मतलब है विरोधी मुक्त। तभी तो बड़े-बड़े कांड में फंसे लोगों के गले में फूलों की माला पहनाई जा रही है। जो भ्रष्टाचार के कीचड़ में सने थे उनके हाथों में कमल थमाए जा रहे हैं।

सोना नहीं चांदी नहीं आधार तो मिला...

सोना नहीं चांदी नहीं आधार तो मिला…

आधार के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ रही है। आखिरकार उसने विकास को अपने अहमियत का अहसास जो दिला दिया था। विकास अब उसके सामने पानी भर रहा था।

Second T20, New Zealand vs. india at Rajkot

Rajkot encounter

This being a three-match series, it also is a chance for India to render the last match as a mere formality. They could clinch yet another bilateral series here tonight and extend their winning run.

एकता दिवस मनाएं या बलिदान दिवस

देशहित में क्या कदम उठाने जरूरी हैं और कैसे उठाना है, वर्तमान नेताओं को इस तथ्य को उनसे समझना चाहिए। लेकिन इस तथ्य को समझने की जरूरत आज के नेता नहीं समझते। वे अपने महानायकों की प्रतिमा बनाकर और उनके नाम पर देश के रास्तों और चौराहों को करके ही अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ले रहे हैं।

बात बापू के नजरबंदी के दिनों की

दो अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। यूएनओ ने इस तिथि को ‘विश्व अहिंसा दिवस’ घोषित किया है। इस दिन बापू से जुड़ी कई बातें लोग और मीडिया अपनी-अपनी तरह से सुनाते हैं।