हीरो से भगोड़े बने आईएएस अधिकारी
“नौकरी चाहे सिविल सर्विसेज की ही क्यों न हो, अगर अधिकारी सत्ता से तालमेल नहीं बैठाते तो उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाता है।“
“नौकरी चाहे सिविल सर्विसेज की ही क्यों न हो, अगर अधिकारी सत्ता से तालमेल नहीं बैठाते तो उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाता है।“
सीके अनिल कहां है, कोई नहीं जानता। उन पर चल रहे मामलों की सुनवाई में वे कभी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इसलिए कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है
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